गोस्वामी तुलसीदास विरचित

 

Ramcharitmanas

 

ભાવાત્મક પદ્યાનુવાદ  - શ્રી યોગેશ્વરજી

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Index

Ramayana

[ in Gujarati | in English | in Hindi ]

 

अथ श्री रामचरितमानस
 बाल कांड

मंगलाचरण

सती का देहत्याग दशरथ का पुत्रेष्ठि यज्ञ
श्री गणेशजी की वंदना हिमालय के घर उमा का जन्म राम और अन्य कुंवरो का जन्म
गुरु ओर संतजनो की वंदना नारदजी का भविष्यकथन कुंवरो का नामकरण और संस्कार
दुर्जन को प्रणाम सती की तपस्या विश्वामित्र की मांग
तुलसीदास की विनम्रता तारकासुर की कथा ताटका वध
रामचरितमानस की महिमा शंकर के त्रिनेत्र से कामदेव भस्म अहिल्या का उद्धार
कवि की वंदना शिव-पार्वती विवाह राम-लक्ष्मण मिथिलामें
शिव-पार्वती वंदना बारात का वर्णन उपवन में सीता का दर्शन
श्रीराम और रामनाम की महिमा शिव-पार्वती संवाद सीता का स्वयंवर
रामचरितमानस की पूर्वभूमिका राम अवतार का कारण राम द्वारा धनुष्यभंग

रामचरितमानस का रुपक वर्णन

नारदजी की कथा परशुराम का आगमन
याज्ञवल्क्य-भारद्वाज का संवाद विश्वमोहिनी स्वयंवर और नारदजी का मोहभंग लक्ष्मण और परशुराम का संवाद
शिव-पार्वती प्रसंग मनु और शतरूपा की कथा समाचार अयोध्या पहुंचे
सती की शंका और राम की परीक्षा प्रतापभानु की कथा बारात का वर्णन
शिवजी द्वारा सती का त्याग रावण और असुरो के अत्याचार लग्न का वर्णन
दक्ष प्रजापति का यज्ञ देवो का सहाय के लिये आर्तनाद मिथिला से विदाय और अयोध्या में आगमन
अयोध्या कांड

मंगलाचरण

वनगमन और दशरथ की व्यथा राम के दर्शन के लिए चित्रकूट की ओर
श्वेत केश का दर्शन अयोध्यावासीओ को छोड के आगे गुह की शंका और संघर्ष की तैयारी
राम के राज्याभिषेक का प्रस्ताव निषादराज गुह से मुलाकात भारद्वाज मुनि के आश्रम में
राज्याभिषेक की तैयारी राम सुमंत को लौटने को कहते है भरतजी चित्रकूट में
देवो की सरस्वती को प्रार्थना केवट का प्रसंग लक्ष्मण की शंका और सावधानी
मंथरा और कैकेयी का संवाद भारद्वाज मुनिके आश्रम में राम और भरतजी का मिलाप
कैकेयी कोपभुवन में श्रीराम और वाल्मिकी का संवाद पिता के मृत्यु का शौक और श्राद्ध
कैकेयी का दो वरदान मांगना श्रीराम चित्रकूट में कैकेयी का पश्चाताप
दशरथ का शोक और मूर्छा सुमंत अवध के लिए रवाना महाराजा जनक का आगमन
राम और कैकेयी का संवाद दशरथ और सुमंत का संवाद राम भरत को अवध लौटने को कहते है
राम और दशरथ का संवाद महाराजा दशरथ का देहत्याग भरतजी का चित्रकूट भ्रमण
राम का कौशल्या से अनुमति मांगना भरत अयोध्या में राम अपनी पादुका देते है
राम और सीता का संवाद भरत और कौशल्या का संवाद सब वापस अवध की ओर
लक्ष्मण और राम का संवाद भरत और वशिष्ठजी का संवाद पादुका को सिंहासन पे स्थापित, भरतजी नंदीग्राम में
अरण्य कांड

मंगलाचरण

खर-दूषण का नाश जटायु को सदगति
जयंत की कथा शूपर्णखा की रावण को फरियाद शबरी के आश्रम में
चित्रकूट से विदाय रावण और मारीच का संवाद नवधा भक्ति का वर्णन
अनसूया का सीता को उपदेश सुवर्णमृग का प्रसंग पंपा सरोवर में आगमन
शरभंग मुनि के आश्रम में रावण द्वारा सीता का हरण नारदजी श्रीराम के दर्शन को
अगत्स्य ऋषि के आश्रम में जटायु और रावण का युद्ध माया को जीतने का उपाय
पंचवटी में निवास पंचवटी में श्रीराम का विलाप संत के लक्षण
शूर्पणखा का प्रसंग श्रीराम की जटायु से भेंट  
किष्किन्धा कांड

मंगलाचरण

वालि का नाश श्रीराम और सुग्रीव का संवाद
राम और हनुमानजी का मिलाप अगंद को युवराजपद वानरसेना सीताजी की शोध में
राम और सुग्रीव के बीच मैत्री वर्षाऋतु का वर्णन संपाति से भेंट
वालि-वध की प्रतिज्ञा शरद ऋतु का वर्णन हनुमानजी समुद्र लांघने को तैयार
वालि औऱ सुग्रीव का युद्ध लक्ष्मण सुग्रीव पर कोधित  
सुंदर कांड

मंगलाचरण

हनुमानजी का मुद्रिका फेंकना सुग्रीव के साथ संवाद

हनुमानजी का लंका के लिए प्रस्थान

हनुमान और सीता के बीच संवाद श्रीराम को सीता का संदेश दिया
सुरसा से भेंट अशोकवाटिका में पराक्रम लंका पर आक्रमण की तैयारी
हनुमानजी लंका में हनुमान मेघनाद के पाश में मंदोदरी और रावण के बीच संवाद
लंकिनी से भेंट हनुमानजी रावण की सभा में विभिषण का रावण को मशवरा
सीता की शोध हनुमानजी औऱ रावण का संवाद विभिषण का लंकात्याग
विभिषण से मुलाकात रावण का पुच्छदहन के लिए आदेश विभिषण श्रीराम के शरण में
अशोकवन में हनुमानजी द्वारा लंकादहन रावण के गुप्तचर राम की छावणी में
रावण की सीता को चेतावनी हनुमानजी सीता से विदाय लेने गुप्तचरो का रावण को संदेश सुनाना
सीता ओर त्रिजटा का संवाद समुद्र पार करके वानरों के पास सेतुरचना के लिए मार्गदर्शन
लंका कांड

मंगलाचरण

युद्ध का आरंभ गरुडजी द्वारा नागपाश से मुक्ति
नल-नील द्वारा सेतुरचना माल्यवान की रावण को सलाह मेघनाद का यज्ञविध्वंश, मेघनाद की मौत
रामेश्वर में शिवलिंग की स्थापना लक्ष्मण और मेघनाद के बीच युद्ध रावण युद्धमैदान में
समुद्र पार करके वानरसेना लंका में शक्तिप्रहा रसे लक्ष्मणजी मूर्छित रावण का यज्ञ ध्वस्त
मंदोदरी और रावण का संवाद हनुमानजी संजिवनी लेने चले राम और रावण के बीच युद्ध
रावण और प्रहस्त का संवाद कालनेमि का नाश विभिषण की सलाह, रावण की मौत
राम द्वारा रावण का मुकुटभंग हनुमानकी भरतजी से भेंट मंदोदरी का विलाप, राम का सांत्वन
मंदोदरी का रावण को मशवरा संजिवनी से लक्ष्मण फिर सचेत विभिषण का राज्याभिषेक
रावण की राजसभा में अंगद दूत रावण की कुंभकर्ण से मदद की याचना सीताजी की अग्निपरीक्षा
अंगद और रावण का संवाद कुंभकर्ण युद्धभूमि में देवो द्वारा स्तुति
मंदोदरी की रावण को फिर सलाह कुंभकर्ण का नाश वानरसेना समेत राम अयोध्या की ओर
अंगद श्रीराम के पास लौटे श्रीराम नागपाश में बंधे हनुमानजी अयोध्या में
उत्तर कांड

मंगलाचरण

सनकादि ऋषि राम के दर्शन को पधारे

गुरु का अपमान और शिव का शाप
हनुमानजी और भरत का मिलन श्रीराम और भरतजी का संवाद शिव रुद्राष्टक
श्रीराम का अयोध्या में आगमन श्रीराम का प्रजा को संदेश लोमश मुनि का शाप
मिलन का उत्सव गरुडजी को शंका ज्ञान और भक्ति के बारे में
वेदों द्वारा श्रीराम की स्तुति काकभुशुंडीने गरुडजी को रामकथा सुनाइ गरुडजी के सात प्रश्न
वानरों की अयोध्या से विदाय गरुडजी की शंका का समाधान रामायण का महात्म्य
रामराज्य का वर्णन काकभुशुंडीजी का पूर्ववृतांत श्रीराम की स्तुति
लव और कुश का जन्म कलियुग के लक्षण समापन
 

 

 

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