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नारी तू नारायणी

लोहाणा बोर्डींग, बडौदा
ता. ३ अप्रैल, १९४०

प्रिय भाई,
आशा करता हूँ की तुम कुशलमंगल होंगे । तुम्हारा खत मुझे आज-ही मिला ।

ये सच है की हालात आदमी को बदल देते है, मगर ये भी सच है की एक मकाम पर पहूँचने के बाद आदमी हालात को अपने हिसाब-से बदल सकता है ।

कहीं ये मत समज लेना की मेरी नाकामी को मैं अपनी हार मानता हूँ । मुझे अनुत्तीर्ण होनेका जरा भी गम नहीं है । मैं अपनी कोशिश में कामियाब हो जाता तब भी एसा ही सोचता जैसे अब सोचता हूँ । जिन्दगी में एसी चुनौतीयाँ आती रहती है । कहाँ जिवन को उर्ध्वगामी करने की मेरी उदात्त भावना और कहाँ ये कॉलेज के बेमतलब इम्तिहान । अरे, इसे इम्तिहान कहेना भी गलत होगा । कॉलेज से स्नातक होनेवाले आजकल के नौजवानो को शिक्षित और संस्कारी कौन कहेगा ? मुझे विवेकानंद के शब्द याद आते है : ‘क्या समंदर में इतना भी पानी नहीं की अन्य फिजूल चिजों के साथ ये डिग्री और खिताबें भी उनमें डूबोये जा सके ?’

मेरे कहने का मतलब तुम भलीभाँति जानते हो । मैं मानता हूँ की किताबी पढाई सबकुछ नहीं है । सच्ची शिक्षा तो वो है जो हर पल, हर जगह और हर हालत में सिखाती है । और इसी नजरिये से देखा जाय तो मेरी शिक्षा अब भी जारी है । मुझे विश्वास है की मेरे जीवन में घटनेवाली सभी घटनाएँ मेरे उत्कर्ष के लिये ही बनी है । जगत की सर्वोपरी चेतना-जगन्माता स्वयं मेरा मार्ग प्रशस्त कर रही है । मैं उसके नक्शेकदम पर चला जा रहा हूँ । तभी तो मेरे आसपास कितना घना अँधरा क्यूँ न हो, मुझे उजाला-ही-उजाला नजर आता है ।

आपके साथ जो बहन है, उसे मेरा लाखलाख वंदन है ! वो मुझे अभी ठीक तरह-से पहचानती नहीं होगी । आजकल हालात एसे हो गये है की एक-ही परिवार के भाई-बहन खुलके नहीं मिल सकते । मैं तुम्हारे घर आया तब मेरी उनसे खास बातचीत नहीं हो पायी थी मगर मेरा उनके प्रति पूज्यभाव बना हुआ है । औरों के मुकाबले, वो ज्यादा पवित्र और शुद्ध है । मगर हमें इससे भी आगे जाना है, हमें एसी क्षमता हासिल करनी है जिससे हमारे संसर्ग में आनेवाली व्यक्ति हमारी तरह पवित्र बनें ।

स्त्री मात्र परम शुद्धि का प्रतीक है, यूँ कहो की प्रत्येक स्त्री माँ जगदंबा का रूप है । अगर स्त्री न होती तो पुरुष जान नहीं पाता की परमेश्वर क्या है ।

इसलिये, सबसे पहले हमें विशुद्ध होना है । फिर बडे-से-बडा चक्रवात क्यूँ न आये, द्वारिका निमज्जन के वक्त निश्चिंत खडे पीपा भगत की तरह हम प्रलय की गरदन पर पैर रखकर स्मित कर सकेंगे । और ये तुम्हारे जैसे कुछ लोग ही कर पायेंगे ।

और तो क्या लिखूँ ? मुझे तुम और तुम्हारे दोस्त-रिश्तेदारों पर विशेष स्नेह है । ये बात मैं उनको खत लिखकर नहीं बता सकता मगर तूम जानते हो । अब हम कब और कहाँ मिलेंगे ये पता नहीं । माँ पर भरोसा रखना और अपने आप को पवित्र बनाये रखना । औरों के लिये हम कुछ कर पायें या नहीं ये अलग बात है, कम-से-कम अपना जीवन ठीक तरह से निर्गमन करें तो बहुत है ।

इस वक्त पूरा हिन्दुस्तान इन्तजार कर रहा है । विवेकानंद, रामतीर्थ, दयानंद या रामकृष्ण नहीं तो कम-से-कम उनकी तरह जीवन को उज्जवल बनाने की कोशिश करनेवाले कुछ लोग मिल जाय । मगर आजकल एसे लोग है कहाँ ? आजकल तो जहाँ देखो वहाँ जडता दिखाई पडती है । लोग जैसेतैसे जीवन बसर कर रहे है । उनका ना तो कोई ध्येय है, ना ही कोई आदर्श । क्या हम भी उनमें से एक बनकर रह जायेंगे ? और अगर एसा हुआ तो भारतमाँ का क्या हाल होगा ? नहीं, एसा हरगिझ नहीं होगा । माँ ने हमारे लिये निश्चित कोई योजना बनायी है ।

हम अपने जीवनशुद्धि के प्रयासों में दटें रहें । संसार की सर्वोपरी चेतना के साथ संपर्क बनाने की कोशिशों में जुटे रहें । अगर हम कोशिश करेंगे तो जीत हमारी ही होगी ।

वक्त मिलने पर खत जरूर लिखना ।

 

Today's Quote

Live as if you were to die tomorrow. Learn as if you were to live forever.
- Mahatma Gandhi

prabhu-handwriting

Shri Yogeshwarji : Canada - 1 Shri Yogeshwarji : Canada - 1
Lecture given at Ontario, Canada during Yogeshwarjis tour of North America in 1981.
Shri Yogeshwarji : Canada - 2 Shri Yogeshwarji : Canada - 2
Lecture given at Ontario, Canada during Yogeshwarjis tour of North America in 1981.
 Shri Yogeshwarji : Los Angeles, CA Shri Yogeshwarji : Los Angeles, CA
Lecture given at Los Angeles, CA during Yogeshwarji's tour of North America in 1981 with Maa Sarveshwari.
Darshnamrut : Maa Darshnamrut : Maa
The video shows a day in Maa Sarveshwaris daily routine at Swargarohan.
Arogya Yatra : Maa Arogya Yatra : Maa
Daily routine of Maa Sarveshwari which includes 15 minutes Shirsasna, other asanas and pranam etc.
Rasamrut 1 : Maa Rasamrut 1 : Maa
A glimpse in the life of Maa Sarveshwari and activities at Swargarohan
Rasamrut 2 : Maa Rasamrut 2 : Maa
Happenings at Swargarohan when Maa Sarveshwari is present.
Amarnath Stuti Amarnath Stuti
Album: Vande Sadashivam; Lyrics: Shri Yogeshwarji; Music: Ashit Desai; Voice: Ashit, Hema and Aalap Desai
Shiv Stuti Shiv Stuti
Album : Vande Sadashivam; Lyrics: Shri Yogeshwarji, Music: Ashit Desai; Voice: Ashit, Hema and Aalap Desai
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